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Gangotri Priyadarshini

Abstract Inspirational

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Gangotri Priyadarshini

Abstract Inspirational

नारी हूं मैं

नारी हूं मैं

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नारी हूं तो हूं,

जीवन संभालना जानती हूं

हो राह चाहे कितना मुश्किल

हर हाल में जीना जानती हूं ।।


नारी हूं तो हूं ,

संसार की सृष्टि हुआ मुझ से

किर्तिमय संसार संवारना जानती हूं !!


नारी हूं मैं शक्ति भी हूं

आवाज़ भी मैं आगाज़ भी मैं

मैं शस्त्र उठाना जानती हूं !!!


नारी हूं मैं नारायणी

जननी जाया भग्नी कन्या

हर कहानी की चरित्र हूं

सृष्टि संवारना जानती हूं !!!


नारी हूं मैं नारा हूं

देता सबको सहारा हूं

बेड़ियों में ना जकड़ो मुझको

मैं खुली आसमान में जीती हूं !!!


सृष्टि से प्रलय तक

पाओगे मेरी झलक

नित नया सम्भावना हूं मैं

नारी हूं मैं, संसार की आधार मैं हूं !!!



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