ना करो नाज़
ना करो नाज़
ना करो नाज़ धन दौलत पर,
ना करो नाज़ अपनी शोहरत पर,
एक दिन सब कुछ मिट जायेगा ,
बस खाली हाथ ही तू जायेगा।
इकट्ठी कर ले कितनी भी दौलत,
पा ले तू कितनी भी शोहरत ,
समय बीतने पर सब भूल जायेंगे ,
तेरे किसी काम न आयेंगे।
जमा कर के धर्म की दौलत ,
पहन ले तू अपने पुण्य की माला ,
इस दुनिया से तू तर जायेगा,
मोक्ष के द्वार तेरे लिए खुल जायेगा।
