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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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ना करो नाज़

ना करो नाज़

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ना करो नाज़ धन दौलत पर,

ना करो नाज़ अपनी शोहरत पर,

एक दिन सब कुछ मिट जायेगा ,

बस खाली हाथ ही तू जायेगा।


इकट्ठी कर ले कितनी भी दौलत,

पा ले तू कितनी भी शोहरत ,

समय बीतने पर सब भूल जायेंगे ,

तेरे किसी काम न आयेंगे।


जमा कर के धर्म की दौलत ,

पहन ले तू अपने पुण्य की माला ,

इस दुनिया से तू तर जायेगा,

मोक्ष के द्वार तेरे लिए खुल जायेगा।



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