मुस्कुराते ज़ख्म
मुस्कुराते ज़ख्म
नीले/लाल निशान क्या
सिर्फ जिस्म पर बने ?
खाल/मांस के घाव तो भर गए।
भीतर का घाव
भरा या नहीं किसने देखा ?
आंसू सूख गए थे
या पीना सीख लिया था तुमने।
कौन पूछता ?
तुम किसको बताती ?
मारने वाले को ?
तुम पर हंसने वाले को ?
और क्यों बताती ?
फिर मार खाने के लिए।
टूटी हड्डियों के
जुड़ने का वक़्त तय था।
पर टूट जाती कभी भी।
पीकर /होश
खोकर जब भी आया
मारने वाला हिंसक पशु सा।
भीतर भी टूटा कुछ
कभी न जुड़ने के लिए।
कैसे मुस्कुराती हो
ज़ख्म संजोए
भिन्न भिन्न प्रकार के।
माफ करने की इन्तहा।
ज़ख्मी देवी टूटी /फूटी
मगर मुस्कुराती देवी।
