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मुस्कुराओ और मुस्कान फैलाओ

मुस्कुराओ और मुस्कान फैलाओ

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ज़िन्दगी इत्ती भी बुरी नहीं,

कि उसे बदनाम करो,

आँसू इत्ती भी सस्ती नहीं,

कि हर किसी पे उसे ज़ाया करो।


दिल इत्ता भी कमजोर नहीं,

कि हर मोर पे धड़के,

पर मुस्कान इत्ती भी महँगी नहीं,

कि उसे सहेज के रखें।


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