मुश्किलें हर बार पूछती हैं
मुश्किलें हर बार पूछती हैं
मुश्किलें हर बार पूछती है,
बता ए मानव तेरा क्या हाल है ?
मेरे आने से तू डरता है,
मुझसे ही तेरा रास्ता संवरता है !
तुझे मंज़िल दिलाने मैं आता हूं,
तेरी हिम्मत बढ़ाने मैं आता हूं !
मुझमें जब भी तू मीन मेख निकालता है,
बिन मेरे कहां तेरा रास्ता संवरता है !
मुश्किलें हर बार पूछती है,
बता ए मानव तेरा क्या हाल है ?
बिन मेरे तेरा जीना मुहाल है,
मुझसे सीख सबक जीवन खुशहाल है !
मैं डूबी नैया भी किनारे लाता हूं,
जिसमे जीवन का जिज्ञासा पाता हूं !
मैं ग़रीब अमीर में अंतर न पाता हूं,
ससमय सबके हिर्दय समा जाता हूं !
मुश्किलें हर बार पूछती है,
बता ए मानव तेरा क्या हाल है !
