Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Pushp Lata Sharma

Abstract


4.5  

Pushp Lata Sharma

Abstract


मुहब्बत

मुहब्बत

1 min 225 1 min 225


मुहब्बत जताने के दिन आ रहे हैं

गज़ल गुनगुनाने के दिन आ रहे हैं।


जो कहते थे मरते सनम हम तुम्हीं पर

उन्हें आजमाने के दिन आ रहे हैं।


हथेली में दिल को चले हम तो लेकर

कि मिटने मिटाने के दिन आ रहे हैं।


गली में लगे घूमने फिर से मजनू

निगाहें चुराने के दिन आ रहे हैं।


जो हमको नचाते रहे उँगलियों पर

उन्हें अब नचाने के दिन आ रहे हैं


वही रंगरलियाँ शरारत की घड़ियाँ

वो हँसने हँसाने के दिन आ रहे हैं।


बहारों का मौसम गुलाबों की खुशबू

कि बाहों में जाने के दिन आ रहे हैं


भुला दो गमों को सभी पुष्प अपने

तराने सुनाने के दिन आ रहे हैं।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Pushp Lata Sharma

Similar hindi poem from Abstract