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Taj Mohammad

Abstract Action Inspirational

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Taj Mohammad

Abstract Action Inspirational

मत सोच तू।

मत सोच तू।

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मत सोच तू कि अब तुझको बहुत देर हो गयी है।

बस मान ले यह अब यही से शुरुवात हो गयी है।।1।।


अच्छा हुआ जो तू भीड़ से अलग ही चल दिया।

चले थे इसमें जो उन सबकी पहचान खो गयी है।।2।।


छोड़ दे अब दूसरों की ऐसे ही परवाह करना तू।

ऐसे कामों से ही तेरी ज़िन्दगी बदनाम हो गयी है।।3।।


मिल जाए गर तू सफर में पहले चलने वालों से।

तो हंसते हुए कहना मेरी भी शुरुवात हो गयी है।।4।।


यह बिता हुआ वक्त ही तेरे काम आने वाला है।

मत बोलना ये ज़िन्दगी मेरी गुमनाम हो गयी है।।5।।


चेहरों का रंग जब उड़ने लगे तुम्हारे रकीबों का।

तो समझना अब तुझसे तेरी पहचान हो गयी है।।6।।


मत करना तुम भरोसा अब यहां के बाशिंदों पर।

जब खुद की ही रूह खुद से बेईमान हो गयी है।।7।।


क्या सोचती है दुनिया तुम्हारे बारे में मत सोचना।

दुनिया की सोच में तेरी ज़िन्दगी बेजान हो गयी है।।8।।


लड़ना ना छोड़ना तुम बस लड़ते ही रहना यूँ ही।

हासिल हो जाएगी जल्द जो तेरी शान खो गयी है।।9।।


यह दौर है मुश्किलों का पर तुम अब टूटना नही।

माना कि किस्मत तेरी तुझसे अनजान हो गयी है।।10।।


तुझको तो पाना है बस जो तेरी किस्मत का है।

मानेगा एक दिन खुदाई तुझ पे मेहरबान हो गयी है।।11।



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