STORYMIRROR

Rekha Shukla

Abstract Romance Action

4  

Rekha Shukla

Abstract Romance Action

मनचली

मनचली

1 min
185

लो ले उड़ा चली जींदगी ये मनचली

सुणो बलमा सांवरे

लहू भी तुम 

धडकन हो तुम 

जान भी तुम 

नैणा बलमा बावरें


सूमसाम गलीयों से निकल कर 'लूसी'

सी-शोर नझारां करा गई !

ठंडी ठंडी हवा में पकड़ मेरा हाथ 'लूसी'

देखो दिल को करा गई !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract