मन बहुत मचलता है🙌
मन बहुत मचलता है🙌
मन बहुत मचलता है,
धीरे से कुछ कहता है।।
सच की आंड़ में झूठ बोलना,
आज का गोरखधंधा है।।
खूब कमाई करते हैं,
ताल ठोक कर कहते हैं
पर जब बात सामने आई,
सच में बहुत अखरता है।।
मुनिया दुबकी बैठी है,
मन में बुद-बुद करती है
मायाराम की टोली से
कम्बल एक ही मिलता है।।
सच्चाई की हामी भरते,
कथनी पर न खरे उतरते,
रोज-रोज उनके दरवाजे,
मनुआ नाक रगड़ता हैं।
मन बहुत मचलता है,
धीरे से कुछ कहता है।।
