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Uma Pathak

Classics

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Uma Pathak

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ममता

ममता

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ममता की मूरत है

जिसकी ना कोई सूरत है

दिन ढल जाए तो लगता है

जिंदगी की सबसे बड़ी जरूरत है।


ममता का तू मान रख

इसका तू सम्मान रख

ममता तो मन की है

या ना धन की है ना तन की है।


हर ओर फेली ममता की मूरत है

जिंदगी में सभी को इसकी जरूरत है।


साहित्याला गुण द्या
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