STORYMIRROR

Neerja Sharma

Comedy Others

4  

Neerja Sharma

Comedy Others

महंगाई

महंगाई

1 min
512

आज मंगलवार है 

लाला जी को बुखार है 

डाक्टर घर के पास है 

पर फीस कुछ खास है।


लाला जी परेशान है

महंगाई की मार है 

ऊपर से ये बुखार है 

बच्चों की भरमार है।


घर चलाए या डा.जाए

सोच कर दिल घबराए

फीस न देनी पड़ जाए 

मन में सोच भरमाए।


झाड़ फूँक से हुआ न फायदा

घर का टूणा टोटका सब छूटा 

खड़े खड़े अब चक्कर घूमा 

लाला जी का सिर भी फूटा।


जाना पड़ा डा. के पास

खर्चा हो गया दो हजार

सिर पकड़ कर बैठे लाला

मुँह पर जैसे लग गया ताला।


सब उनको बार बार समझाए

जान बची तो लाखों पाए

मुश्किल से कुछ समझ पाए

पर महंगाई रोना रोते जाए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Comedy