STORYMIRROR

Neha Dhama

Children

4  

Neha Dhama

Children

मेरी नन्ही सी परी

मेरी नन्ही सी परी

1 min
392

जिसने मुझें सम्पूर्ण नारित्व का अहसास कराया 

हृदय की गहराईयों तक ममत्व का आभास कराया

जिसकी एक झलक रूह तक सुंकुन दे जाती हैं

मासूम सी उसकी हंसी मन को मोह जाती हैं 


मनमोहनी सी सुरत में मेरा ही तो अक्ष नजर आता है 

देखती रहूं दिन - रैन अपलक मन कहां भर पाता है

मीठी - मीठी वाणी से जब मांँ कह कर पुकारती है

जहां भर की खुशियों से झोली भर जाती हैं


छुपा कर आंचल की छांव में आ तुझे दुलार करू 

लें लूं सारी ब्लाईया लाल मिर्च से तेरी नजर उतारू

संग - संग रहूं पल- पल तेरी परछाई बन जाऊं

छन - छन मतवाली चाल पर बलिहारी जाऊं


आज वहीं शुभ दिन हैं जब मेरी गोद में तू आई 

मेरी नन्ही परी जन्म दिवस की हार्दिक बधाई

मेरी नन्ही कली फूले फले हमेशा ख़ुशबू से महकती रहे 

दीर्घायु हो, स्वस्थ रहे, खुशियों से हमेशा चहकती रहे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Children