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Bhavna Sharma

Abstract

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Bhavna Sharma

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मेरी मां

मेरी मां

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ए मेरी मां, तू ही मेरी -तू ही मेरी जिंदगी।

आजादी है तू मेरी,

और तू ही मेरी बन्दगी।

लेकर के चरणों की धूल ,

हो जाउं मैं, घुम कहीं,

चाहे जमाना, जो भी बोले

पर तुझ में ,

मैं हूँ यहीं।।

ए मरी मां....


बन जाउं मैं दीप,

वो जो कर दे रोशनी हर कहीं

अन्धियारे को दूर हटाए,

टिमटिमाता दीप वही।।

ए मेरी मां...


तेरे लिए चढ़ जाउं सूली,

न हो गलती कोई मेरी,

तुझको ,वो हर खुशी मैं ला दूं,

जो है जहां में छुपी कहीं।।


ए मेरी मां...

तू ही मेरी मंज़िल है मां,

तू ही मेरी राहैं है,

तुझको हर पल देख सकूं,

बस यही तो मेरी चाहत है।।




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