मेरी मां
मेरी मां
ए मेरी मां, तू ही मेरी -तू ही मेरी जिंदगी।
आजादी है तू मेरी,
और तू ही मेरी बन्दगी।
लेकर के चरणों की धूल ,
हो जाउं मैं, घुम कहीं,
चाहे जमाना, जो भी बोले
पर तुझ में ,
मैं हूँ यहीं।।
ए मरी मां....
बन जाउं मैं दीप,
वो जो कर दे रोशनी हर कहीं
अन्धियारे को दूर हटाए,
टिमटिमाता दीप वही।।
ए मेरी मां...
तेरे लिए चढ़ जाउं सूली,
न हो गलती कोई मेरी,
तुझको ,वो हर खुशी मैं ला दूं,
जो है जहां में छुपी कहीं।।
ए मेरी मां...
तू ही मेरी मंज़िल है मां,
तू ही मेरी राहैं है,
तुझको हर पल देख सकूं,
बस यही तो मेरी चाहत है।।
