STORYMIRROR

सरफिरा लेखक सनातनी

Inspirational

4  

सरफिरा लेखक सनातनी

Inspirational

मेरी कलम की कहानी

मेरी कलम की कहानी

1 min
309

मेरी कलम आज उदास लगने लगी है

पिता का दर्द लिखते लिखते रोने लगी है

रोने लगी है मां की हर पुरानी बात पर

मां की बिंदी पिता का कुर्ता लिखते लिखते रोने लगी है।


मेरी कलम के अंदर

पिता के कर्ज की स्याही है

कैसे ना लिखूं आज फिर 

मां बापू की याद आई है।


मेरी कलम ने पिछले जन्म 

बड़ा उपकार किया होगा

जिसने शब्दों में पिता को 

उतार दिया होगा।


धन्य है तू ए कलम

दो उंगली में कैद रहकर 

पूरी कहानी लिखती है

कभी जेब में कभी 

डब्बे में छुपती है।


तेरे दर्द को बयां मैं करूंगा 

तू उदास मत हो तेरा नाम मैं करूंगा

लिखूंगा तुझ से 

एक नया इतिहास

तुझे ही आजाद मैं करूंगा।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational