Mohni Shriwas
Children
मेरी छोटी सी पतंग,
उड़ी चली हवा के संग,
इंद्रधनुष के सारे रंग,
देख के बच्चे हो गए दंग।
साफ-सफाई और स...
आओ भैया पेड़ ल...
जामुन
फल
गुब्बारे वाला
सब्जी
मोर
गुणकारी सब्जि...
सब्जी वाला
दीवाली
जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा, जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा,
नन्ही सी बिटिया थी वह तूफ़ानी रात को आयी थी ! नन्ही सी बिटिया थी वह तूफ़ानी रात को आयी थी !
आओ आओ सखियों तुमको मेरी कहानी सुनाऊं। आओ आओ सखियों तुमको मेरी कहानी सुनाऊं।
अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपनी बेटी याद करो।। अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपन...
हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल। हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल।
एक पिता ही देते हैं साथ, जब जिंदगी भर चलने की होती है बात ! एक पिता ही देते हैं साथ, जब जिंदगी भर चलने की होती है बात !
जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता है। जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता...
'गर हम पढ़ लिख बोलें हिन्दी, बने विश्व की भाषा मानो।। 'गर हम पढ़ लिख बोलें हिन्दी, बने विश्व की भाषा मानो।।
क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी पे टँगी रहती है क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी...
वो यादें हैं, जो तब रुलाती थी अब हंसाती हैं ये यादें हैं, जो याद रह जाती हैं। वो यादें हैं, जो तब रुलाती थी अब हंसाती हैं ये यादें हैं, जो याद रह जाती हैं।
स्कूल का वो पहला दिन स्कूल का वो पहला दिन
आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे
जीवन में अचानक एक प्रकाश है, क्योंकि ईश्वर हमेशा हमारे साथ हैं ।। जीवन में अचानक एक प्रकाश है, क्योंकि ईश्वर हमेशा हमारे साथ हैं ।।
मेरा अंश भी बोले, फिर यही गोद और यही मां मिले। मेरा अंश भी बोले, फिर यही गोद और यही मां मिले।
माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा, माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा,
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है। जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है।
फिर से उन पर बारिश की बूंदों को उड़ेलना है चिरपरिचित अंदाज़ सावन का। फिर से उन पर बारिश की बूंदों को उड़ेलना है चिरपरिचित अंदाज़ सावन का।
प्रभाकर का उदय भी प्रतिदिन ही होगा... चाँद की चमक भी कायम रहेगी... प्रभाकर का उदय भी प्रतिदिन ही होगा... चाँद की चमक भी कायम रहेगी...
चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल। चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल।