Mohni Shriwas
Children
दौड़े लाल टमाटर सरपट,
हरे मटर अभी छटपट।
गोभी सफेद लुड़कती आयी,
हरी धनिया भी दौड़ लगायी।
साफ-सफाई और स...
आओ भैया पेड़ ल...
जामुन
फल
गुब्बारे वाला
सब्जी
मोर
गुणकारी सब्जि...
सब्जी वाला
दीवाली
ये दिल बचपना करता है... और मैं भी अपने दिल की सुनता हूँ.. ये दिल बचपना करता है... और मैं भी अपने दिल की सुनता हूँ..
क्यों याद आती है मुझे मेरे बचपन की गुज़री हुई उन खूबसूरत लम्हों की... क्यों याद आती है मुझे मेरे बचपन की गुज़री हुई उन खूबसूरत लम्हों की...
कहाँ गुम हो गया वो मेरा अलबेला बचपन कहाँ गुम हो गया वो मेरा अलबेला बचपन
कसरत कर ले बढ़ेगी ताकत खौल उठेगा खून तेरा कसरत कर ले बढ़ेगी ताकत खौल उठेगा खून तेरा
जन्म तो माँ ने दिया पर चलना तो आपने सिखाया। जन्म तो माँ ने दिया पर चलना तो आपने सिखाया।
हम सब का बचपन बहुत कमाल रहा हम सब का बचपन बहुत कमाल रहा
हुई मेरी खुद से पहचान, हुआ अपने अस्तित्व का ज्ञान । हुई मेरी खुद से पहचान, हुआ अपने अस्तित्व का ज्ञान ।
तेरे घर को भी अपना घर समझना, तेरी हर बात में मेरा शामिल होना, तेरे घर को भी अपना घर समझना, तेरी हर बात में मेरा शामिल होना,
करतें है आगे हाथ मदद कर खुशियाँ पाने।। करतें है आगे हाथ मदद कर खुशियाँ पाने।।
हर पल यहाँ कामयाबी का इंतज़ार है इन आँखों में सपने हजार है हर पल यहाँ कामयाबी का इंतज़ार है इन आँखों में सपने हजार है
हे राजन, कहाँ से सिखा ये अद्भुत बात, जब जब उठते हाथ आपके दान के लिए, तब तब झुक जाते आपके नैन हे राजन, कहाँ से सिखा ये अद्भुत बात, जब जब उठते हाथ आपके दान के लिए, तब तब...
दिल से लगाने वाली को ढूंढती है, नानी! आपकी बड़ी याद आती है।। दिल से लगाने वाली को ढूंढती है, नानी! आपकी बड़ी याद आती है।।
ढेरों खिलौने थे संग मेरे पर मन को वो ही भाती थी ढेरों खिलौने थे संग मेरे पर मन को वो ही भाती थी
हाथ ना आना दिल खुश करना सीख कहां से आई हो रंग बिरंगी प्यारी तितली कहो कहां से आई हो। हाथ ना आना दिल खुश करना सीख कहां से आई हो रंग बिरंगी प्यारी तितली कहो कहां स...
जब आँखें खुली सबकी नफरत नजर आई। जब आँखें खुली सबकी नफरत नजर आई।
नफ़रत होता है, गुस्सा होता है और रहस्य होते हैं , नफ़रत होता है, गुस्सा होता है और रहस्य होते हैं ,
थोड़े बड़े होने पर वह बचपन चला जाता है। जो नन्ही उम्मीदों से खुश हो जाता था। थोड़े बड़े होने पर वह बचपन चला जाता है। जो नन्ही उम्मीदों से खुश हो जाता था।
घूमने के साथ ये है उसकी नौकरी भी, और वो मन लगाकर ये काम करती है घूमने के साथ ये है उसकी नौकरी भी, और वो मन लगाकर ये काम करती है
आजा पकड़ ले आजा पकड़ ले कर रही है आजा पकड़ ले आजा पकड़ ले कर रही है
जब पार्थ की बगिया में आती हैं सुबह —शाम मैं खुश हो जाता हूं। जब पार्थ की बगिया में आती हैं सुबह —शाम मैं खुश हो जाता हूं।