Mohni Shriwas
Children
दौड़े लाल टमाटर सरपट,
हरे मटर अभी छटपट।
गोभी सफेद लुड़कती आयी,
हरी धनिया भी दौड़ लगायी।
साफ-सफाई और स...
आओ भैया पेड़ ल...
जामुन
फल
गुब्बारे वाला
सब्जी
मोर
गुणकारी सब्जि...
सब्जी वाला
दीवाली
आसमान पर बादल छाया चाचा अपना छाता लाया। आसमान पर बादल छाया चाचा अपना छाता लाया।
बाग़ में जब तक उसे न देख लूँ मेरी सुबह की सैर जैसे अधूरी है। बाग़ में जब तक उसे न देख लूँ मेरी सुबह की सैर जैसे अधूरी है।
हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल। हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल।
कितना अच्छा होता, बादलों से ऊपर अपना घर होता। कितना अच्छा होता, बादलों से ऊपर अपना घर होता।
देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ अर्श से। देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ ...
क्या वास्तव में हम इंसान समय की यात्रा कर सकते हैं? समय सीमा पार कर, भूत और भविष्य में? क्या वास्तव में हम इंसान समय की यात्रा कर सकते हैं? समय सीमा पार कर, भूत और भवि...
जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता है। जाने क्या क्या लिख जाता है वो प्रेम सुहाना बचपन का मुझे बचपन याद दिलाता...
क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी पे टँगी रहती है क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी...
आखिर झूल गया फांसी पर हंसते हंसते वो दीवाना। आखिर झूल गया फांसी पर हंसते हंसते वो दीवाना।
आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे
गया था चूहा इक दिन खाने अनाज बाजार में! गया था चूहा इक दिन खाने अनाज बाजार में!
पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है। जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है।
दैनिक जीवन में विज्ञान, कर रहा है बड़ा कमाल। दैनिक जीवन में विज्ञान, कर रहा है बड़ा कमाल।
कितने सुंदर लगते हैं ये , पके पके से आम। तोतापरी दशहरी लंगड़ा , कर्नाटक बादाम। कितने सुंदर लगते हैं ये , पके पके से आम। तोतापरी दशहरी लंगड़ा , कर्नाटक...
माँ की आँखों में सच्चाई के आंसू का बसेरा तेरी शिक्षा का भार अब मेरा, रचे नव सबेरा माँ की आँखों में सच्चाई के आंसू का बसेरा तेरी शिक्षा का भार अब मेरा, रचे नव स...
थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने लगी किलक थोड़ी सी थी, उदास ज़रूर, परी से विदा होने पर, किन्तु माला देख, खुशी से भरने ...
शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है। शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है।
चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल। चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल।