Mohni Shriwas
Children
आओ भैया पेड़ लगाएं,
धरती में हरियाली लाएं।
हरी भरी धरती हो जाती,
सुन्दर लगती सबको भाती।
सबको भाती बादल का भी
मन ललचाती,
सबकोअपनी ओर लुभाती
आओ भैया पेड़ लगाएं।
साफ-सफाई और स...
आओ भैया पेड़ ल...
जामुन
फल
गुब्बारे वाला
सब्जी
मोर
गुणकारी सब्जि...
सब्जी वाला
दीवाली
हम अपने को उत्कृष्ट बनाएं अपने परिवेश को उत्कृष्ट बनाएँ, हम अपने को उत्कृष्ट बनाएं अपने परिवेश को उत्कृष्ट बनाएँ,
ज़िन्दगी में तूफ़ान लाया, चलो अच्छा ही हुआ जो गुज़र गया। ज़िन्दगी में तूफ़ान लाया, चलो अच्छा ही हुआ जो गुज़र गया।
पहले मम्मी और पापा का दुलार। अब बेटे और बेटी का प्यार पाऊंगा। पहले मम्मी और पापा का दुलार। अब बेटे और बेटी का प्यार पाऊंगा।
बिल्ली बिल्ली
वो हिंदी के काव्य और साहित्यों से भरे लेक्चर लगता था जैसे चल रही हो एक पिक्चर वो हिंदी के काव्य और साहित्यों से भरे लेक्चर लगता था जैसे चल रही हो एक पिक्च...
सुबह की मेहनत देखी, दोपहर की धूप नहीं सुबह की मेहनत देखी, दोपहर की धूप नहीं
बड़े हुए तो समझ में आया सपने कब होते हैं अपने बड़े हुए तो समझ में आया सपने कब होते हैं अपने
कि बातों में मिठास घोलकर दिल में नाराज़गी रखें, ये हुनर हममें तो नहीं। कि बातों में मिठास घोलकर दिल में नाराज़गी रखें, ये हुनर हममें तो नहीं।
कम्प्यूटर जब से आया है सबने इसे अपनाया है । कम्प्यूटर जब से आया है सबने इसे अपनाया है ।
बीते जल्दी-जल्दी हफ्ता आ जाए फिर से रविवार। बीते जल्दी-जल्दी हफ्ता आ जाए फिर से रविवार।
जैसे मिल गया हो हमको आसमान का एक नन्हा सा सितारा। जैसे मिल गया हो हमको आसमान का एक नन्हा सा सितारा।
जिससे खुशी की शुरुआत होती है, जिससे हर उदासी महक उठती है। जिससे खुशी की शुरुआत होती है, जिससे हर उदासी महक उठती है।
सुबह के दूध में मेरे अब हल्दी नहीं है। सुबह के दूध में मेरे अब हल्दी नहीं है।
तोते को मिर्च पसंद थी कौए को पसंद थी भिन्डी तोते को मिर्च पसंद थी कौए को पसंद थी भिन्डी
जिसने भी देखी कहा उनकी -उनकी, पतंगों की आई क्रांति, लाई संक्रांति । जिसने भी देखी कहा उनकी -उनकी, पतंगों की आई क्रांति, लाई संक्रांति ।
आज झगड़ा कर के दूर चले जाते हैं, ज़िन्दगी भर बात नहीं करते आज झगड़ा कर के दूर चले जाते हैं, ज़िन्दगी भर बात नहीं करते
बैठ गया वहीं पर सड़क से आती रोशनी को देखता बैठ गया वहीं पर सड़क से आती रोशनी को देखता
प्यारी मैम बच्चों के साथ लोहड़ी मनाने चले, सभी को भगवान का आशीर्वाद मिले प्यारी मैम बच्चों के साथ लोहड़ी मनाने चले, सभी को भगवान का आशीर्वाद मिले
किस राग में अनुराग तेरी, जो कानों को भा रही है। किस राग में अनुराग तेरी, जो कानों को भा रही है।
बैलगाड़ी ही हमारी राजधानी थी हमारी गाय भैंस क्या कम रानी थी बैलगाड़ी ही हमारी राजधानी थी हमारी गाय भैंस क्या कम रानी थी