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VanyA V@idehi

Children Stories Children

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VanyA V@idehi

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सलोना बचपन

सलोना बचपन

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भारी बस्ते वजन में


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


लंच बॉक्स भी डालते, पानी बोतल साथ।

बोझ तले बचपन दबा, पूंजीवाद का हाथ।।


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


भोले भाले बाल को, मत पचड़े में डाल।

बाजारों में बिछ गया, एक सुनहरी जाल।।


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


होना चाहिए बैग में, रौचक सा सामान।

खेल खेल में सीख ले, बालक सारा ज्ञान।।


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


अभी सीखना परिवार से,दिया स्कूलमें भेज।

चाहें  अपना  लाडला, होए सबसे तेज।।


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


बहुत जरूरी ज्ञान है, देना इनको ज्ञान।

मानवता  का  सार  दे, बना इसे इंसान।।


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


भोला सा बचपन कीमती, रहता है कुछ रोज।

अपने घर के बालकों को, करने दे तब मौज।।


भारी  बस्ते वजन में, नन्हें नन्हें बाल।

बात बड़ी गंभीर है, कौन करेगा ख्याल।।


-भोले भाले बाल को, मत पचड़े में डाल।

बाजारों में बिछ गया, एक सुनहरी जाल।।


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