Vinay Panda
Comedy
मेरी बीवी का व्यवहार
अथवा यह उसका
प्यार समझो
जो मुझे आलसी
इतना बड़ा
निकम्मा बनाया कि
दो दिन से एक कम्बल में
मैं सिकुड़ रहा हूँ..!
जानते हो क्यूँ.. ?
डर, रजाई चौपत
सुबह-सुबह कौन करे !
हिंदुस्तान की...
क़लम तू लिखती ...
झुकना मत कभी
बेरोज़गारी में...
भारत माँ के व...
राखी
प्रेम का अनुब...
मेहरारू मतलब ...
जल है तो जीवन...
मन
इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया । इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया ।
पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान। पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान।
चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है। चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है।
कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे। कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे।
चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए। चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए।
अपने सभी परिजन को देख ले आखरी बार यामलोक तू जाने को अब हो जा तैयार अपने सभी परिजन को देख ले आखरी बार यामलोक तू जाने को अब हो जा तैयार
मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सबकुछ जानते हुए भी तु... मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सब...
नेताजी की शेरवानी के बटन होल में नेताजी की शेरवानी के बटन होल में
हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट, अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट। हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट, अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट।
द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती। द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती।
बिना शर्म के खुलम खुला सब को राज़ बताता हूँ। सुनो साथियो एक कहानी दिल की तुम्हें सुनात बिना शर्म के खुलम खुला सब को राज़ बताता हूँ। सुनो साथियो एक कहानी दिल की तुम्...
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
हाइकु और दोहा, राह में टकरा गए, एक दूजे को घूरा। हाइकु और दोहा, राह में टकरा गए, एक दूजे को घूरा।
रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो, रावण की जगह लेने की कोशिश भी न करो,
दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!
सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे, सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे,
साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते। साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते।
अभी अभी बारिश के बीच सुरक्षित ठांव ढूंढ़ते ढूंढ़ते अभी अभी यमराज से मुलाकात हो गई। अभी अभी बारिश के बीच सुरक्षित ठांव ढूंढ़ते ढूंढ़ते अभी अभी यमराज से मुलाकात ह...
बैठे बैठे कहते है हर घर की के जीजा, अब कभी न मँगवाना बाहर से पिज्जा। बैठे बैठे कहते है हर घर की के जीजा, अब कभी न मँगवाना बाहर से पिज्जा।