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kusum prashar

Abstract

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kusum prashar

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मेरी भाषा, मेरा गर्व

मेरी भाषा, मेरा गर्व

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गर्व से गौरवान्वित हूं,

हिंद हूं मैं, हिंदी हूं।

वर्णों की लड़ी से

शब्दों के मोतियों तक

मातृभाषा से जुड़ी हूं।


जब तुतलाएं पहले शब्द,

सबको किया मन से आनंदित।

कितनी प्यारी, कितनी मोहक

आकर्षण का केंद्र हूं,


क्यों ना गर्व करूं हिंदी पर

आज विश्व की चाहत हूं

हर कोई चाहे इसे सीखना

प्राचीनता लिए हुए,


ठोस आधार धरातल पर खड़ी हूं

हिन्द हूं मैं, हिंदी हूँ।


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