पंचतत्व
पंचतत्व
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नवजीवन का जन्म हुआ है,
पंच तत्वों ने दिया आशीष
उर्जा का प्रसाद मिलते ही
ऊर्जावान हो गया शरीर।।
कुछ और नहीं है यह जीवन
मिट्टी के गुणों की संरचना
अग्नि का तेज है इसमें
सही रास्ते पर चलना।।
हवा की धड़कन अहसास दिलाए
जीवन है पल भर का
सही दिशा पर इसे चलाकर
पथ पर आगे बढ़ना।।
जल से जलमय हो जाए
कंटको में भी फूल उगाए
अंकुर को वृक्ष बनाए
हर जीवन आश्रय है पाए।।
मानव की रचना का आधार
पंचतत्वों का यही है सार।।
