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Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

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Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

मेरी अभिलाषा

मेरी अभिलाषा

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मेरी भाषा,

मेरे हिंदुस्तान की भाषा,

मेरी अपनी,

पहचान है ये हिंदी भाषा।


युगों पुरानी,

है ये हिंदी भाषा,

वेद पुराणों की,

है ये हिंदी भाषा।


संस्कृत से,

जन्मी है ये हिंदी भाषा,

बड़ी ही सरल,

है ये हिंदी भाषा।


मिश्री सी मीठी,

है ये हिंदी भाषा,

जन जन की ,

है ये हिंदी भाषा।


मेरा ईमान,

है ये हिंदी भाषा,

मेरा धर्म,

है ये हिंदी भाषा ।


मेरा अभिमान,

है ये हिंदी भाषा,

मेरे हिंदुस्तान की,

शान है ये हिंदी भाषा।


मेरे भारत की,

हिंदी है राजभाषा,

बने ये राष्ट्रभाषा,

मेरे मन की है ये अभिलाषा।


सच होगी,

मेरी ये अभिलाषा,

हर जन बोलेगा,

जब ये हिंदी भाषा।


हर जन सोचेगा जब,

हिंदी है मेरी अपनी भाषा,

तभी बनेगी हिंदी,

मेरे हिंदुस्तान की राष्ट्रभाषा।



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