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मेरी आंखें

मेरी आंखें

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मेरी आंखों में सूरज का तेज से 
होठों मे मीठा मकरन्द से 
बातों में बच्चे के बात से 
मन में तेरे रूप से

तुम ही मेरी जन्नत हो
तुम ही मेरा जीवन हो
तुम ही मेरी मन्नत हो
तुझे ही मैं मानता हूँ।

क़ुबूल करो मेरे प्यार को 
तुम्हारे क़ुबूल करने से  
मेरा जीवन जन्नत हो जायेगा।
जन्नत में हम दोनों फिर सैर करेंगे मेरे प्यारी।

तेरे गोरी-गोरी चमड़ी से ही
सफेद रंग का जन्म हुआ।
काले लम्बे बालों से ही
रात का जन्म हुआ।
लाल लाल होठों से ही
आग का जन्म हुआ।

तेरी मीठी-मीठी बातें 
सुनने का मन करता है।

प्रतीक्षा कर रहा हूँ
तेरे फ़ोन का।


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