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धर्म

धर्म

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रमायण से धर्म
भागवत से न्याय
कुरान से दान
बाइबिल से प्रेम
वेद से प्रक्रिया
भागवतगीता से कर्म
हर एक ग्रन्थ किसी एक जाती या धर्म का नही है।
सारे ग्रन्थ को पढ़िए  !
हर एक ग्रन्थ की अच्छाई को स्वीकार करो !
हम सब भाई है। इसे ऐहसास करो !
ग्रन्थ मे बीते हुए भगवान समतुल्य को विनम्र भक्ति से पूजा करने मे कोई प्रतिफल नही मिलता है।

उनके मार्ग का अनुसरन करो !


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