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Sunanda Mohapatra

Romance Classics

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Sunanda Mohapatra

Romance Classics

मेरे प्रियतम

मेरे प्रियतम

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तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान के लिए

तो हम तुम्हे रोज देखने को तरसे है


और हर वक्त यही सोच के जलते है की

हमारे सिवा तुम्हारी हँसी का कोई और न कारण बन जाए।


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