STORYMIRROR

Prashant Kumar Jha

Inspirational

4  

Prashant Kumar Jha

Inspirational

मेरे पापा

मेरे पापा

1 min
440

कर्तव्यों की मूरत हैं मेरे पापा,

परिवार की नींव हैं मेरे पापा, 

मेहनत के बल हम सभी को संभाले हैं, 

वह प्रेरणा का स्रोत हैं मेरे पापा, 

भले कठोर दिखते हैं वो, 

अंदर से नरम नाजुक हैं मेरे पापा, 

चोट मुझे लगने पर गुस्से से समझाते हैं, 

खुद छुप-छुप कर आँसू वो बहाते हैं, 

गलत कामों के खिलाफ बड़े सख्त हैं मेरे पापा, 

थोड़े जिद्दी जरूर हैं, 

पर बड़े भोले हैं मेरे पापा, 

छोटी -बड़ी हर ख्वाहिश पूरी की है इन्होंने, 

खुद का दुख भूल कर हमें सुकून दिया है इन्होंने, 

ठंड हो या हो बरसात होते नहीं हैं कभी वो हताश,

हमारे सपनों के पीछे दीवाना होकर, 

चैन से कभी कहाँ सोते हैं मेरे पापा, 

सबकी मदद करना आदत है इनकी, 

त्याग बलिदान फितरत है इनकी, 

मीठी- मीठी बातों में भले फँस जाते हैं वो, 

लेकिन बड़े होशियार हैं मेरे पापा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational