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राम शरण सेठ

Romance Fantasy

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राम शरण सेठ

Romance Fantasy

मेरे हमसफ़र

मेरे हमसफ़र

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मेरे हमसफर साथ साथ चल ।

जो तू बिछड़ गया ।।


तो कुछ भी नहीं बच पाएगा।

हम तेरे साथ रह जाएंगे।।


कुछ हम तो कुछ तुम साथ चलते चले जाएंगे।

यह सफर में हम सफर बनती जाएंगे।।


तू जो रुक गया ।

तो यह मंजिल थम जाएगी।।

 

तेरे साथ चलने के लिए ।

बहुत कुछ रह जाएंगे।।



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