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Anjali Jain

Abstract Tragedy

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Anjali Jain

Abstract Tragedy

मेरा ये एहसास पी लो...

मेरा ये एहसास पी लो...

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आज टूटा है मेरा दिल,

जैसे की बिखरे हो मेरे शब्द,

मानो हाथ से छूट रही हो श्वास की डोर,

ना जाने कैसा अजीब सा एहसास है, 

जिसे मात्र बयान करने की सोच से मेरी रूह कांप रही है।


ख्यालों की दुनिया में बेवजह सा ख्याल है ये,

दर्द सारे मुझे मंजूर है आज,

शर्तें मुझसे मेरा ये एहसास छीन लो,

मुझसे मेरा ये एहसास छीन लो...


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