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Ashutosh Seth

Tragedy

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Ashutosh Seth

Tragedy

मेरा शहर

मेरा शहर

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आज मैने हर इंसान को डरा सा देखा

आज मैने अपने शहर को वीरान देखा

कुछ तो जरुर बदला है इन हवाओं मे,

मैने आज इंसानो को उनके घरों मे,

और पंछियों को उनके घरों मे देखा।


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