STORYMIRROR

Ritu Rose

Comedy Action Inspirational

4  

Ritu Rose

Comedy Action Inspirational

मेरा पागल दिल

मेरा पागल दिल

1 min
418

यह तेरे लिए ही हंसता है यह तेरे लिए ही रोता है

यह तेरे लिए मचलता है तेरी यादों में खोता है

कैसा हो गया आवारा मेरा पागल दिल..... 3

1

तुम बन गए फूल गुलाब के प्याले बने शराब के

रंगीन राते बनकर कुछ पल बने ख्वाब के

जुगनू की तरह है यह जगता है तेरी बाहों में सोता है

कैसा हो गया आवारा मेरा पागल दिल......3

यह तेरे.... 

यह तेरे.... 

2

एक पल भी इसको तन्हाई ना भाए एक पल भी दूर गए तेरी याद सताए

आंखें भर आती है सावन यह छलकाए छलक जाए आंखें बादल सा बरसाए

एक पल जुदा ना हो साथ रहे तेरे सपने संजोता है

कैसा हो गया आवारा मेरा पागल दिल..... 3

यह तेरे..... 

यह तेरे..... 

3

ताउम्र तेरे संग उम्र गुजारेगा सब कुछ हार कर भी यह कुछ ना हारेगा

सारे गम ले लेगा खुशियां तक दे देगा सांसे तक भी वारेगा

इश्क में प्यार में हाल यही होता है

कैसा हो गया आवारा मेरा पागल दिल...... 3


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy