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Prerna Gautam

Romance

3  

Prerna Gautam

Romance

मेरा हमसफ़र

मेरा हमसफ़र

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खिलता गुलाब सा 

निर्मल जल की धारा सा 

मौसम सुहावना सा

सपने पूरे करने वाले

मेरा हमसफ़र मेरा हमजोली

अनजाना सा लग रहा था

जनम जनम का नाता है

एक पल ना देखें तो उनको

चैन नहीं अब आता है

नुक्ताचीनी,और नोंकझोंक मे

अब सुकून सा आता है

मेरा हमसफ़र मेरा हमजोली,,,,

दर्द मुझे हो कभी भी

आंसू निकलते हैं उनके

खुद से भी अधिक वो

प्यार मुझे करतें हैं

अपने पूरे परिवार पर

वो जान छिड़कते हैं

अरुण जी की वजह से

दुःखी ना हो कोई

पूरी कोशिश करते हैं

ऐसा मेरा हमसफ़र मेरा हमजोली है

प्रेरणा की कोशिश करे पूरी

सदा साथ निभाना निभाऊंगी

मरते दम तक गुल्ली,लाजो

हंसते हंसते सुनती जाऊगी

हां जी ऐसा मेरा हमसफ़र मेरा हमजोली।


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