मेरा गहरा नाता है
मेरा गहरा नाता है
अथक नियमित परिश्रम और असीमित धैर्य के बाद
कहीं जाकर जीवन में कोई सफलता हमें मिलती है,
कभी कभी तो कर्म का पलड़ा भारी हो जाता है
तो कभी किस्मत कुछ ज़्यादा बलवती हो जाती है:
बहुधा फर्क नहीं पड़ता कि लेखन में कितनी भक्ति है
प्रतियोगिता में किसका नाम अंकित अग्रिम पंक्ति है,
निज कर्म पर मनन और लगन भी एक अदम्य शक्ति है
सफलता पाना और उसे बरकरार रखना एक युक्ति है!
किसी प्रतिभावान को नीचे गिराकर कुछ दिन को
ऊपर उठना और नाम कमाना है आसान उपाय,
मज़ा तो तब है मेरे यारा, ज़ब किसी निर्दोष को
गिराए बिना खुद अपने बल पर ऊपर उठा जाए!
