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Simpy Aggarwal

Romance

4  

Simpy Aggarwal

Romance

मेरा दिल है उन्हीं में

मेरा दिल है उन्हीं में

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मेरा दिल है उन्ही में, ऐसी मेरी कहानी,

मेरे इश्क़ की रवानी, सुनो मेरी ज़ुबानी,

मेरा दिल है उन्ही में...


मेरे हमदम वही है, साँसें शबनमी है,

बादल नहीं है गम के, मौसम में क्या कमी है,

आँखों में यूँ बसी है, उनके इश्क़ की निशानी,

मेरे इश्क़ की रवानी, सुनो मेरी ज़ुबानी,

मेरा दिल है उन्ही में...


इश्क़ में मैं डूबी, खोली यूँ मैंने बाहेँ,

मिली ज़िन्दगी को मेरी, मानों नयी सी राहें,

नैनों में बस गए वो, मैं उनकी हुई दीवानी,

मेरे इश्क़ की रवानी, सुनो मेरी ज़ुबानी,

मेरा दिल है उन्ही में...


करूँ इश्क़-ए-इबादत, करूँ इश्क़-ए-फ़साना,

उनके चेहरे में देखूं, मैं ये सारा ज़माना,

जी लूँ संग उन्हीं के, मैं ये पूरी ज़िंदगानी,

मेरे इश्क़ की रवानी, सुनो मेरी ज़ुबानी,

मेरा दिल है उन्ही में...


(मुझे इश्क है तुझी से, मेरी जान-ए-ज़िन्दगानी,

तेरे पास मेरा दिल है, मेरे प्यार की निशानी,

मुझे इश्क है तुझी से...)


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