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मिली साहा

Abstract Inspirational

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मिली साहा

Abstract Inspirational

मेरा देश - मेरा अभिमान

मेरा देश - मेरा अभिमान

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भारत माँ के हम सपूत

इस मिट्टी का क़र्ज़ हमें चुकाना है

तिरंगा है अभिमान हमारा

हर बुरी नज़र से इसे बचाना है।


ऐ मौत तुझे है कसम हमारी

वक़्त से पहले न तू आ जाना

कतरा- कतरा इस तन का रक्त

देश के लिए हमें बहाना है।


चंदन सम है इस देश की मिट्टी

माथे पर लगा बल मिलता

जीना इसी के लिए अब

इसकी खुशबू में ही मिल जाना है।


आने न देंगे आंच देश की शान पर

लेते हैं आज शपथ हम

की है हमने मोहब्बत इस वतन से

हर धर्म अपना हमें निभाना है।


भुला देंगे हर रंग को हम

केवल देशभक्ति है रंग हमारा

कफ़न बांधे सरहद पर खड़े

हर जवान का यही कहना है।


देश के काम गर न आ सके

तो इस तन का है क्या ही मोल

मेरा देश मेरा मान अभिमान

हर कीमत पर मान इसका रखना है।



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