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Pradnya Kulkarni

Abstract

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Pradnya Kulkarni

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मौका सबको मिलता है

मौका सबको मिलता है

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मौका सबको मिलता है

पर उसका सोना बनाना एक हुनर होता है


वो हुनर जिसके पास होता है

उसका जहाँ फिर कुछ अलग होता है


कामयाबी उसकी फिर आसमान छूती है

और खुशियाँ उसके कदम चुमती है


शानोशौकत से भरी फिर उसकी दुनिया होती है

और उस दुनिया में उसकी एक अलग पहचान होती है.


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