STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Abstract

4  

Kanchan Prabha

Abstract

मौका अच्छा है

मौका अच्छा है

1 min
359

दुनिया की भीड़ से दूर समय बिताने का

कितनी रफ्तार कम हुई है जमाने की

अच्छा है कि सब अपने अपने घर में रहें 

मौका अच्छा है सपनों के महल सजाने का


गली में बेबजह घूमने की बन्दिशों पर 

धूल जो मोटी सी पड़ गई है शीशों पर 

उनको कपड़े से रगड़ रगड़ मिटाने की

मौका अच्छा है सपनों के महल सजाने का


छत की मुंडेर पर जो पीपल के पत्ते झड़े थे

टूटी बाल्टी में जो बारिश के पानी भरे थे

वक्त मिल गया है उस पानी को बहाने की

मौका अच्छा है सपनों का महल सजाने का


भागते जीवन में कभी रोटी जली बनती थी

और कभी सब्जी में मिर्ची ज्यादा पड़ती थी

समय मिला है फुर्सत में पकवान बनाने की

मौका अच्छा है सपनों के महल सजाने का !



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract