STORYMIRROR

minni mishra

Abstract Classics Inspirational

4  

minni mishra

Abstract Classics Inspirational

मैं

मैं

1 min
330

मैं कमजोर नहीं

कायर नहीं

न ही मैं डरपोक हूँ

न किसी से पंगा लेती

न बहस में कभी भाग लेती


क्योंकि सभी की भावनाओं का

हृदय से बहुत सम्मान करती।

किसी से न अधिक अपेक्षा रखती

जो मिल जाता।

दिल से उसका हजारों बार शुक्राना करती

मैं अपने आत्म स्वरूप में रहना चाहती

ईश्वर से नित्य यही प्रार्थना करती।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract