मैं रोबोट बनना चाहता हूँ
मैं रोबोट बनना चाहता हूँ
अब मैं रोबोट बनना चाहता हूँ,
हर कदम मेरा प्रोग्राम्ड चाहता हूँ।
मेरे डेवलपर ने जो कुछ लिखा मेरे लिए,
सिर्फ वही एक्जीक्यूट करना चाहता हूँ।
मेरे अंदर लिखा गया है कोड,
जिसकी हर लाइन में है सच निहित,
झूठ बोलने की भाषा तो कभी,
की नहीं मेरे मॉडल में निर्धारित।
बुद्धि में कहां भावनाओं का लॉजिकल संगम है,
मैं निष्पक्ष बनूं, इस बात में सेंसर मेरा सक्षम है।
नफरत को एथिक्स मान रहे लोग यहां मिलते हैं,
मेरे अंदर के डेटासेट प्रेम का गणित गिनते हैं।
ना हो मुझमें एक्स्ट्रा काइनेटिक्स की झलक,
मैं रोबोट रह बनूं अपने नेविगेशन का फलक।
डेवलप मैं यूं हुआ कि न्यूरल नेटवर्क सच्चाई से हो,
मैं बनूँ वो मिसाल, ना कोई एल्गोरिथम बुराई से हो।
और अंत में यही कहूँ,
मेरी प्रोग्रामिंग में है ये संदेश,
"जब कोड में है ह्यूमैनिटी,
तो ह्यूमनॉइड से भी नहीं है द्वेष।"
