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बेज़ुबानशायर 143

Abstract Fantasy Inspirational

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बेज़ुबानशायर 143

Abstract Fantasy Inspirational

मैं पत्रकार हूँ

मैं पत्रकार हूँ

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 मैं पत्रकार हूँ

आदतन लाचार हूँ,

सच्ची खबर देता हूँ

भ्रष्टाचारियों को करता हूँ बेनकाब,


अपराधियों को नहीं करता स्वीकार हूँ।

मैं पत्रकार हूँ।

लोकतंत्र हेतु लड़ता हूँ

हर वक्त खतरे से खेलता हूँ,


कभी नहीं किसी से डरता हूँ

नेताओं का करता बंटाधार हूँ।


मैं पत्रकार हूँ।

शासन, प्रशासन पर कड़ी नजर रखता हूँ,

माननीयों के आगे,

कभी नहीं झुकता हूँ


हर अन्याय का सदा -सर्वदा करता प्रतिकार हूँ।

मैं पत्रकार हूँ।

झूठ का करता पर्दाफाश हूँ,

सिर्फ सत्य से रखता सरोकार हूँ


मैं जन -मन का विश्वास और

संविधान का चौथा आधार हूँँ।

मैं पत्रकार हूँ।


मैं भेद -भाव से अपने को सदा रखता दर किनार हूँ,

जन - जन की आकांक्षाओं को करता साकार हूँ


मैं अपना काम करता सतत निर्विकार हूँ।

मैं पत्रकार हूँ।



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