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Tanmay Mehra

Abstract

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Tanmay Mehra

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मैं नाव केवट सी

मैं नाव केवट सी

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मैं हूँ नाव केवट सी

तू प्रभु राम बन आ जाना

करता रहूँगा बस इंतज़ार तेरा

तू इक बार तो आ जाना


सुन लेना बस इतनी बात मेरी

मेरी भक्ति सफ़ल करा जाना

करा देना या तू गंगा पार मुझे

या फिर उसी गंगा मे बहा जाना


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