STORYMIRROR

Parinita Sareen

Romance

4  

Parinita Sareen

Romance

मैं इश्क़ लिखूं तुझे हो जाए

मैं इश्क़ लिखूं तुझे हो जाए

1 min
690

बिना मंजिलों के राहों पर

आ चलते चलते खो जाएं,

तू मेरा नहीं, पर मेरा हो,

मेरे नाम से तुझमें सुकून आए।


तेरी सुबह का आगाज़ मुझसे हो

और अंत हो मुझ पर ही शामें सभी,

तुझमें तुझको मैं मिलूं

और मिले मुझमें तू कहीं।


काश कभी कुछ ऐसा हो

सपने मेरे ये सच हो जाएं

पन्नों पर जब भी उतारू तुझे

मैं इश्क़ लिखूं तुझे हो जाए।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance