मैं हूँ ना
मैं हूँ ना
जिंदगी में पैसा ऐश आराम और इज़्ज़त
यह सब सांसे बन चुकी है जिन्हें इंसान कमाने लगा है
पर अब आ गया समझ
एक अकेली चीज जिसके बिना जिंदगी का मतलब जीना नहीं
केवल तीन शब्दों की जरूरत होती है
'मैं हूं ना' बुरे वक्त में एक यही ऐसा सहारा है
जिसका हाथ थामा नहीं जाता अपने थम जाता है
जब जीने से ज्यादा मौत प्यारी हो
जब गम प्यारे हो हंसने से ज्यादा
जब बिखरना सही हो सहारा थामने से
और पी जाना आसान आंसू दिखाने से ज्यादा
जिंदगी बिना इसके अधूरी है
जीना दुनिया में जब सबसे बड़ी मजबूरी है
उस वक्त से प्यार हो इस समय से नहीं
घुटना हो मंजूर रोया भी जाता नहीं
फरिश्ता है वो जो ये तीन शब्द कहे
'मैं हूं ना' तुम्हें सीने से सटाकर रखें
सुने दुख भरी कहानी, जिसके सामने पसंद तुम्हें रोना हो
जान निकल जाए अगर उसे खोना हो
ऐसे किसी गले से जोर से लग जाऊँ और बस रोती रहूँ भूल जाऊँ जीना
ओ सर पर हाथ फेरे साथ दो पल ही रोए और कहे 'मैं हूं ना'
जब दिल भारी हो जुबां पर जिसका नाम आए
रोना जिंदगानी हो ज़ुबा पर उसका नाम आए
जीने की न ख्वाहिश हो जुबां पर इसका नाम आए
सोना उसके सामने ही पसंद जुबां पर किसका नाम आए...
सबसे पहला नाम तुम्हारा आया
इसके लिए मरना कुबूल है मुझे
जीना है मुझे बस इसी के खातिर
खैर यह बात भी मंजूर है मुझे
रोशनी बना है वो जब जिंदगी मेरी अँधेरी थी
खुशी नाम है उस बद्दुआ का
जब दुनिया ने गम की दुआ बिखेरी थी
जब दुनिया ने राह में कांटे बिछाए थे
उसने पैरों को मेरे अपने हाथों पर उठाया था
जान चाहे जाए उसकी पर मैं सलामत रहूँ
मेरी और बढ़ने वाला हर हथियार उसे चीर कर आया था
उस दिन छलके थे मेरी आंखों से आंसू
उस दिन बिक्री थी मैं, हुई बेकाबू
उस पल भी बस खुद को छोड़ मुझे संजोया था
उस दिन उसी वक्त
छुपकर कर कहीं कोने में जी भर के रोया था
मुझे रूठना आता है, मनाना नहीं
मुझे गिरना आता है, संभलना नहीं
मेरे कारण दर्द से जब भी बिलख रहे थे तुम
मैं क्या करती तुम ही कहो
मुझे रोना आता है, चुप कराना नहीं
उसने कहा.....
कोई नहीं तुम अपना दर्द भी मुझे दे दो
मैं खुशी-खुशी इसे दिल से सहूँगा
और क्या हुआ जो तुम्हें चुप कराना आता नहीं
कोई बात नहीं
मैं हूं ना....
