मैं एक नारी हूँ
मैं एक नारी हूँ
मैं एक नारी हूँ,
दुनिया कहती है मैं बेचारी हूँ,
लेकिन नहीं यह संपूर्ण सत्य...
क्योंकि अब अबला से
सबला बनने की पूरी तैयारी है।
मैं एक नारी हूँ,
दुनिया कहती है मैं छुई-मुई सी हूँ,
लेकिन नहीं, यह भ्रम है सबका....
क्योंकि मैं अब तेज कटारी हूँ।
मैं एक नारी हूँ,
दुनिया कहती है मैं माता-पिता पर भारी हूँ,
लेकिन नहीं यह अब का तथ्य...
क्योंकि पुरुषों से कंधा मिलाकर
चलने की हमने भी ठानी है।
मैं नारी हूँ,
दुनिया कहती है मैं समझ में कच्ची हूँ,
लेकिन नहीं, तुच्छ सोच का है यह हिस्सा....
क्योंकि मैं अब आसमान की भी रानी हूँ।
मैं एक नारी हूँ,
दुनिया कहती है मैं बस आधी आबादी हूँ,
लेकिन नहीं यह पूर्ण विराम....
क्योंकि पूरे ब्रह्माण्ड की हम जननी हैं।।
