मैं चुप हूं
मैं चुप हूं
मैं चुप हूं
बोलने की कोई वजह नहीं
किसी से बात करना
सजा से कम नहीं
रहने दो खामोश
इन लबों को
फिजूल का शोर
अब इन्हें पसंद नहीं
देखते रहो बस
कुछ कहने का कोई
असर पड़ेगा नहीं
अपने आप को ही
मान लो अपनी दुनिया
हमारे हिसाब से कोई
अब चलेगा नहीं।
