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Asfia Khatoon

Classics

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Asfia Khatoon

Classics

माँँ

माँँ

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माँ की ममता ऐसी है,

फूल में खुशबू जैसी है।


माँ का पयार ऐसा है,

मन पवन जैसा है।


माँ की सूरत ऐसी है,

दीपक मेंं ज्योति जैसी है।


माँ की बोली ऐसी है,

कोयल की कूक जैसी है।


माँ ने हमें जन्म दिया,

पाल -पोस के बड़ा किया।


माँ ने हमें ज्ञान दिया,

बल, विद्या और मान दिया।


माँ के जैसा कोई नहीं,

ईश्वर का दूजा रूप यही।


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