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Dr. Anu Somayajula

Inspirational

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Dr. Anu Somayajula

Inspirational

" मां "

" मां "

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गर्भ के निविड़ अंधकार में

आस की तरंग सा

प्राणों में संचरित

प्रथम श्र्वास की उमंग सा


दूब की नोक पर ठहरे जलबिंदु में

झलकते सूर्य बिंब सा

पदोपदी पथ प्रशस्त करती

दीप ज्योति सा

फूल में पराग, बीज में अंकुर सा

जगति के कण - कण में स्पंदित

अदम्य विश्वास सा


वेदों में साम सा

मौन में स्फुटित गान सा

विधना की लेखनी से धरा पर उतरा

एकाक्षरी महाकाव्य

" मां। "


        


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