मां
मां
मां ही मन की पुकार है,
मां देवी का अवतार है,
मां ही सच्चा प्यार है,
मां ममता की मूरत है,
मां ही सबसे खूबसूरत है,
मां ही सुभ महूर्त है।
हर पल मां की याद सताए,
मां को नहीं कोई भूल पाए,
मां सुखों का भंडार है,
मां ही बच्चे का प्यार है,
मां तो गले का हार है।
मां शुभ कर्मों की याद दिलाए,
मां बच्चे को स्वर्ग दिखाए,
अपना दुख कभी न दिखाए,
मां पूजा की थाली है,
मां मिसरी की प्याली है।
मां जीवन का दर्पण है,
मां ही सच्चा समर्पण है
मां शुभ कर्मों का अर्चन है,
मां दुखों का दर्द है,
मां बिना जीवन व्यर्थ है।
हर पल मां की याद सताए,
मां बच्चों को भूल न पाए,
कहे सुदर्शन मां ममता की खान है,
मां बच्चों का जहान है,
मां दिवस पर मां को शत शत प्रणाम है।
