STORYMIRROR

Neha Saxena

Inspirational

4  

Neha Saxena

Inspirational

माँ

माँ

1 min
12


क्या करूँ मैं वर्णन उसका

जिनसे से जीवन पाया है

 

नतमस्तक हों देवता भी जिनके

माँ रूप ही ऐसा पाया है


देखे जो बलाएँ बच्चों पर अपने

हर धागा मन्नत सा बांधा है


करे प्रार्थना हर मंदिर मस्जिद

स्वयं के लिए कुछ न मांगा हैं


जरूरत हो गर किसी भी क्षेत्र में

हर मुश्किल हल निकल ही आया है


कभी अन्नपूर्णा कभी माँ शारदा

हर रूप ही माँ में समाया है


कोई भी हो धर्म जाति उसकी

नाम सर्वश्रेष्ठ ही आया है


कर आएं वो तीर्थ सारे

सर जिसने माँ के नवाया है


ईंट पत्थर से महल बनाया 

पर घर माँ से ही कहलाया है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational