STORYMIRROR

Aarti Garval

Children

4  

Aarti Garval

Children

माँ

माँ

1 min
321

तेरी ममता का सागर गहरा,

तेरी गोद से बढ़कर नहीं बसेरा।

तेरी आँखों में जो चमकती किरण,

वो दिखाती है राह हर डगर।


तेरे आँचल की छाँव है निराली,

जहाँ मिलता सुकून, दूर होती उदासी।

तेरे हाथों का स्वाद है अनमोल,

जैसे हर व्यंजन में घुला हो प्रेम का घोल।


तेरे शब्दों में छिपी है दुआ,

हर ग़म को कर देती तू रुआँ।

तेरी मुस्कान से महकता है जहां,

तेरा होना है जैसे रौशनी का गगन।


तू ही मेरी ताक़त, तू ही मेरी आस,

तेरे बिना अधूरा है मेरा विश्वास।

जन्म से लेकर हर एक पल में,

तेरी ममता ही बसती है हर छल में।


हे माँ, तुझमें बसता है सारा संसार,

तू है मेरी ज़िंदगी का अमूल्य उपहार।

तेरे चरणों में ही स्वर्ग का पता,

तू है खुदा का सबसे प्यारा सपना।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Children