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Kusum Lata

Classics

4  

Kusum Lata

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मां

मां

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मां भगवान की अनमोल कृति है 
मां पूजा है मां थाली है 
मां दीपक है मां बाती है 
मां बगिया का फूल है 
मां सहनशीलता की खान है 
धैर्य की मूर्ति है 
स्वाति नक्षत्र की बूंद है 
मां तूफ़ान की नैया है 
मां त्याग का खजाना है 
बरगद का वृक्ष है शीतल छाया है 
मां जीवनदायिनी गंगा है 
गंगा की गहराई है 
मां हिमालय की ऊंचाई है 
मां का आंचल सुरक्षा का घेरा है 
मिलती जहां असीम शांति है 
मां भगवान का दूसरा रूप है 
जो खुद कष्ट सहकर 
हमें खुश रखती है 
मां शब्द भी है मां अर्थ भी है 
मां जीवन है मां प्राण है
मां की यादों में बसी है खुशबू 
जो जीवन को महकाती है 


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